आपके पास कितना समय है? how much time you have?
ईश्वर ने किसी को सुंदरता ज्यादा दी है तो किसी को कम दी है। किसी को बुद्धि ज्यादा दी है तो किसी को कम दी है। किसी को दौलत ज्यादा दी है तो किसी को कम दी है। परंतु समय उसने सबको बराबर दिया है : 1 दिन में 24 घंटे। समय ही एकमात्र ऐसी दौलत है , जिसे आप बैंक में जमा नहीं कर सकते हैं। समय का गुजरना आपके वश में नहीं है परंतु आपके वश में यह तो है कि आप इसका कैसे उपयोग कर सकते हैं। अगर सदुपयोग करेंगे, तो अच्छे परिणाम मिलेंगे; अगर दुरूपयोग करेंगे, तो बुरे परिणाम अवश्य मिलेंगे।
हमारे पास इतना समय है -
ध्यान देने वाली बात यह है कि हमारे पास कहने को तो 24 घंटे हैं,लेकिन वास्तव में इतना समय हमारे हाथ में नहीं होता। सच तो यह है कि समय के कुछ भाग पर हमारा कोई control नहीं होता। 8 घंटे नींद मे चले जाते हैं और 2 घंटे खाने-पीने, तैयार होने एवं रोज के काम करने मे चले जाते हैं। जीवन मे लगभग 42 percent time हमारे control मे नहीं होता है। केवल 58 percent time पर ही हमारा control होता है।
इस संदर्भ में सदियों पहले भृतहरि की कही गई बात आज भी प्रासंगिक है, 'विधाता ने मनुष्य की आयु 100 वर्ष तय की है, जिसमें से आधी रात्रि में चली जाती है बच्चे आधी में से भी आधी बाल्यावस्था और वृद्धावस्था में गुजर जाती है और बाकी बचे 25 वर्षों में मनुष्य को रोग और वियोग के अनेक दुख झेलने पड़ते हैं और नौकरी चाकरी करनी पड़ती है। इसलिए हम यह कह सकते हैं कि जलतरंग के समान चंचल इस जीवन में लेश मात्र सुख भी नहीं है।'
समय की कीमत तथा हमारे पास कितना समय बचा हुआ है -
समय अनमोल है, क्योंकि वास्तव में चल रहे संसार की एकमात्र ऐसी चीज़ है, जो सीमित है। अगर आप दौलत गंवा देते हैं, तो दोबारा कमा सकते हैं। घर गंवा देते हैं, तो दोबारा पा सकते हैं। लेकिन अगर समय गंवा देते हैं, तो आपको वही समय दोबारा नहीं मिल सकता। हमारे पास जीवन में बहुत कम समय है और यह समय सीमित है। यदि हम अपनी अपेक्षित आयु 100 वर्ष मान ले, तो हमारे पास जीवन में कुल 36,500 दिन होते हैं। इसी समय हिसाब लगा कर देखें कि इन 36,500 दिनों में से आपके पास कितने दिन बचे हैं, जिनमें आपको अपने जीवन का लक्ष्य प्राप्त करना है? नीचे दी गई आसान गणना करके खुद ही जान जान ले कि आपके पास अब लगभग कितने दिन बचे हैं –
अगर हम जीवन में कुछ करना, कुछ बनना, कुछ पाना चाहते हैं, तो यह अनिवार्य है कि हम समय का सर्वश्रेष्ठ उपयोग करना सीख लें, ताकि इस धरती पर अपने सीमित समय में हम वह सब हासिल कर सके जो हम हासिल करना चाहते हैं – चाहे वह दौलत या शोहरत हो सुख या सफलता हो।




Comments
Post a Comment